Kumbh Mela Waste
Kumbh Mela Waste के निपटारे पर किए गए दावों में कितना सच? GPS Tracker से हुई पड़ताल में ये पता चला
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45 दिनों तक चले कुंभ मेले में यूपी सरकार के मुताबिक करीब 66 करोड़ श्रद्धालु आए. यहां से 30 हज़ार टन कचरा उत्पन्न हुआ और इसकी सफ़ाई ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया. लेकिन सबसे बड़ा सवाल, ये 30 हज़ार टन कचरा आख़िर गया कहां? इसका पता लगाने के लिए हमने जीपीएस ट्रैकर की मदद ली. इससे क्या पता चला? क्या जो दावे किए गए वो सच हैं? इन सवालों का जवाब जानने के लिए देखिए बीबीसी की ख़ास सिरीज़ #whywastematters की ये कड़ी. रिपोर्टर: पुनीत बरनाला, विष्णु तिवारी कैमराः रोहित लोहिया एडिट: देबलिन रॉय एग्ज़ीक्यूटिव एडिटर: सरोज सिंह कमीश्निंग एडिटर: सरोज सिंह, विनीत खरे
Credit: BBC News Hindi
Kumbh Mela waste: BBC’s team installed GPS trackers to trace the route of disposal – BBC URDU
انڈیا کی حکومت نے دعویٰ کیا تھا کہ وہ کمبھ میلے میں جمع ہونے والے کچرے کو 45 دن میں صاف کردے گی۔ تو ہزاروں ٹن جمع ہونے والے اس کچرے کا ہوا کیا؟ بی بی سی کی ایک ٹیم نے اس کی تحقیق کے لیے دو ٹریکرز کو شیرخوار بچوں کے ڈائپر اور چپس کے پیکٹ میں نصب کیا۔
رپورٹ: پنیت برنالا اور وشنو تواری
فلمنگ: روہت لوہیا
ایڈٹنگ: دیبالین روئے اور تپس ملک
Credit: BBC News اردو

